Emi Kaise Calculate Karte Hain: आज के समय में चाहे घर खरीदना हो, कार लेनी हो या कोई भी बड़ा सामान-EMI हर किसी की जरूरत बन चुकी है। EMI हमें बड़ी चीज़ों को छोटे-छोटे monthly payments में खरीदने की सुविधा देती है। लेकिन ज्यादातर लोग loan लेते समय EMI सही से calculate नहीं करते और बाद में उन्हें extra interest देना पड़ता है। इसलिए EMI कैसे calculate होती है, यह समझना बहुत जरूरी है ताकि आप future में smart तरीके से loan ले सकें और पैसे की saving कर सकें।
अगर आप भी यह सोचकर confused रहते हैं कि EMI increase क्यों हो जाती है, interest इतना ज्यादा क्यों लगता है या bank किस formula से EMI calculate करता है-तो यह पूरा article आपके लिए है। चलिए easy language में EMI calculation को अच्छे से जानते है।
EMI क्या होती है? आसान भाषा में समझें
EMI यानी Equated Monthly Installment वह amount है जिसे आपको हर महीने bank को चुकाना होता है। इसमें दो चीजें शामिल होती हैं:
- Principal Amount (Loan की कुल रकम)
- Interest (उस पर लगने वाला ब्याज)
हर महीने आप इसी दो हिस्सों का combined payment करते हैं। शुरुआत में EMI का ज्यादा हिस्सा interest में जाता है, और बाद में EMI का बड़ा हिस्सा principal में adjust होता है।

EMI कैसे calculate होती है? (Original Bank Formula)
Bank EMI calculate करने के लिए एक fixed mathematical formula इस्तेमाल करता है:
EMI Formula:
EMI = [P × R × (1 + R)^N] / [(1 + R)^N – 1]
जहाँ, P = Loan Amount (Principal)
- R = Monthly Interest Rate (annual rate ÷ 12 ÷ 100)
- N = Tenure (months में)
यह formula सुनने में मुश्किल लगता है, लेकिन नीचे हम इसे बहुत आसान उदाहरण से समझेंगे।
Interest Rate को Monthly Rate कैसे बनाया जाता है?
अगर bank का annual interest rate 12% है,
तो monthly rate = 12 ÷ 12 = 1% per month
Formula में convert करने के लिए:
R = 1% ÷ 100 = 0.01
अब इसी R को EMI formula में लिखा जाता है।
Example: ₹1,00,000 Loan पर EMI कैसे बनेगी?
मान लीजिए:
- Loan Amount (P) = ₹1,00,000
- Interest Rate = 12% per year
- Tenure (N) = 12 months
- Monthly Rate (R) = 12 ÷ 12 ÷ 100 = 0.01
अब EMI formula में values डालते हैं:
EMI = [100000 × 0.01 × (1.01)^12] / [(1.01)^12 – 1]
Final EMI लगभग = ₹8,885 per month
इसका मतलब 1 लाख पर आप साल भर में करीब ₹6,620 extra interest देंगे।
Loan Tenure बढ़ाने से EMI क्यों कम होती है?
अगर आप tenure को ज्यादा months के लिए चुनते हैं, तो EMI कम हो जाती है।
लेकिन ध्यान रहे-tenure बढ़ने से:
Monthly EMI ↓
Total Interest ↑
यानी हर महीने भार कम लेकिन long-term में interest ज्यादा।
Loan Prepayment करने से EMI कैसे घटती है?
अगर आप loan के बीच में कुछ extra amount जमा कर देते हैं:
- Principal कम हो जाता है
- EMI वही रहती है लेकिन tenure कम हो जाता है
- Interest बहुत कम लगने लगता है
Prepayment long-term loans जैसे home loan में सबसे ज्यादा फायदा देता है।
EMI calculation को आसान बनाने के लिए क्या करें?
EMI को manually calculate करना मुश्किल होता है। इसलिए आप:
- EMI Calculator
- Bank की official app
- Google EMI calculator
जैसे tools का इस्तेमाल कर सकते हैं।
इनमें आपको बस loan amount, interest rate और tenure डालना होता है और EMI तुरंत appear हो जाती है।
EMI लेते समय कौन सी गलती न करें?
बहुत लोग loan लेते समय सिर्फ EMI देखते हैं।
लेकिन यह गलती आपके interest को बढ़ा देती है। EMI लेते समय तीन चीजें ध्यान रखें:
- Tenure छोटे रखें (possible हो तो)
- Interest rate compare करें
- Hidden charges जरूर देखें
EMI perfect तभी होती है जब interest कम और tenure balanced हो।
Floating vs Fixed EMI – कौन सा बेहतर है?
Fixed EMI – पूरे loan period में EMI same रहती है
Floating EMI – market के हिसाब से interest change होता है
2025 में fixed EMI ज्यादा stable और safe option है, जबकि floating EMI long-term में फायदेमंद हो सकती है।
Debit EMI और Credit Card EMI कैसे काम करती है?
2025 में debit EMI और credit card EMI काफी popular हैं।
- Debit EMI – बिना credit card के भी EMI मिल जाती है
- Credit EMI – card से payment करके convert किया जाता है
लेकिन credit EMI में interest थोड़ा ज्यादा लगता है इसलिए compare करके ही EMI लें।
EMI choose करने का Smart तरीका (2025 Guide)
अगर आप financially smart बनना चाहते हैं, तो EMI choose करने का best तरीका है:
- EMI आपकी monthly income का 30-40% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए
- Loan tenure जितना हो सके कम रखें
- Interest rate कम वाले bank को चुनें
- EMI शुरू में ज्यादा दे सकें तो दें
- Prepayment option जरूर देखें
इससे EMI आसानी से manage होगी और interest भी कम लगेगा।
FAQs
क्या EMI हर महीने same रहती है?
हाँ, fixed EMI में हर महीने same amount जाता है।
क्या EMI कम की जा सकती है?
हाँ, tenure बढ़ाकर या loan restructure करके EMI कम की जा सकती है।
क्या EMI पर GST लगता है?
EMI के interest पर GST नहीं लगता, लेकिन processing fee पर GST लगता है।